
भुवनेश्वरः भारतीय लोकतंत्र में संविधान ने सबको चुनाव लड़ने का अधिकार दे रखा है. मजबूत लोकतंत्र की सबसे अहम बुनियाद पंचायती चुनाव को माना जाता है. ऐसे में इन चुनाव को लेकर भी सियासत काफी गर्म रहती है. हालांकि, जनता को बेहतरीन प्रतिनिधि मिल सके. इसके लिए उनके शिक्षित होने की मांग उठती रहती है. ऐसे ही एक मामले में ओडिशा के एक गांव में पंचायत चुनाव के प्रत्याशियों के लिए लिखित और मौखिक परीक्षा का आयोजन किया गया था.
पूछे गए थे लिखित व मौखिक सवाल
ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के कुन्ना गांव में गांव वालों ने पंचायत चुनाव के लिए उम्मीदवारों को लिखित और मौखिक परीक्षा के लिए बुलाया था. परीक्षा अंक देने के लिए नहीं है, बल्कि उम्मीदवारों की क्षमता के बारे में पता करने के लिए थी, ताकि गांव वाले उसके अनुसार मतदान कर सकें.
8 प्रत्याशियों ने लिया हिस्सा
परीक्षा का आयोजन स्थानीय चर्च में किया गया था. लोगों की इस मांग को 9 में से 8 प्रत्याशियों ने मान लिया था. परीक्षा के दौरान पूरे गांव वाले मौजूद रहे. इसमें उम्मीदवारों से विकास, योजना और काम को लेकर 7 मौखिक और लिखित सवाल पूछे गए थे.
5 प्रत्याशी हुए फेल
परीक्षा खत्म होने के बाद उत्तर-पुस्तिकाओं की जांच की गई. इसमें 3 प्रत्याशी पास हो गए, जबकि 5 फेल हो गए. पास हुए 3 प्रत्याशियों की एक और परीक्षा होगी, इसके बाद एक कैंडिडेट को चुना जाएगा, जिसे सरपंच के चुनाव में वोट दिया जाएगा. बता दें कि ओडिशा में पंचायत चुनाव के लिए 16, 18, 20, 22 और 24 फरवरी को मतदान होना है.




